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Showing posts from July, 2017

भ्रष्टाचार का ‘सैंपल’ लालू ही क्यों ?

जिस एजेंसी के पिछले दो डॉयरेक्टर खुद कानून के उलंघन के दायरे में आ गए हो और तो और जिस एजेंसी को तोता कह दिया गया हो उस एजेंसी से ये कैसे उम्मीद की जा सकती है कि वो पूरी निष्ठा और निष्पक्षता के साथ काम कर रही होगी.जाहिर है लालू यादव को निचली आदालत ने चारा घोटाले में साजिशकर्ता मानते हुए सजा सुनाई और उन्हे जेल भी जाना पड़ा.लालू कोई छोटे मोटे नेता है नहीं लालू का अपना एक औरा है जिसके सामने तो कई बार भारतीय राजनीति बौनी पड़ती दिखाई दे चुकी है. बात आडवानी के रथ रोकने की हो या फिर महागठबंधन के अचूक फॉर्मूले की. जब पूरे देश में मोदी नाम की लहर थी उसवक्त बिहार में मोदी को मुंह की खानी पड़ी तो जाहिर है की राजनीतिक तल्खियां बढ़नी थी. मौजूदा हाल में देखा जाए तो लालू पर उसी तोते ने ये आऱोप लगाया है कि साल 2006 में लालू ने irctc के टेंडर में घालमेल किया औऱ जिन लोगों को टेंडर मिला उनसे बदले में जमीन ले ली गई. 2004 से शुरू होती है कहानी ! आईआरसीटीसी के गठन के बाद साल 2004 में ये तय किया गया कि रांची और पुरी स्थित रेलवे के होटल बीएनआर का संचालन भारतीय रेलवे से लेकर आईआरसीटीसी को दे दिया जाएगा. इसके ठीक…

जब जिंदगी ने यू टर्न ले ली......

वो शाम कुछ अजीब सी थी, दिल को लग रहा था कि कुछ तो अलग है लेकिन क्या ये जानने के लिए दिल बेचैन था, खिड़कियों से कभी झांकते तो कभी बालकनी में आना जाना कर रह था, मन नही लगा तो नीचे मार्केट में चला गया, सिगरेट की डिब्बी ली और चल पड़ा, कुछ समझ नही आ रहा था तो सोचा कि कुछ दूर पैदल चल लू, कुछ दूर ही आगे गया था, की सिगरेट जलाने की तलब हुई, सिगरेट जलाने ही वाला था की एक आवाज आई, कि  रोहन तुम और सिगरेट , ये कब से शुरू किया तुमने, उसकी आवाज से ही मुझे इल्म हो गया था कि ये गुंजन है , जिसने इतने अधिकार से मुझसे सवाल किया था, वो मुझसे कुछ पूछती इससे पहले मैंने बोला, अरे तुम किसी हो, यहाँ अचानक, सब ठीक तो है, वो मेरे सवालों का जवाब देती उससे पहले ही मेरी नजर उसके चेहरे पर गई, न मांग में सिंदूर था, न गले मे मंगल सूत्र, मैंने फिर सवाल किया ये क्या हाल बना रखा है तुमने, क्या हुआ ? मेरे सवालों को दोहराते हुए गुंजन ने बोला अरे बाबा वही तो पूछ रही हूँ, कि ये क्या हाल बना रखा है ? मैंने कहा ये सब तो ऐसे ही है ये छोड़ो तुम  बताओ  की माथे पर से सिंदूर गायब, न गले मे मंगलसूत्र आखिर हुआ क्या ? मायूसी भरे चेहरे क…