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उत्तराखंड वालों वोट देना दिल नहीं !

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ये साक्षात्कार तो पुराना है. आप जब इसे देख रहे होंगे तब तक उत्तराखंड में मतदान हो चुके होंगे लेकिन फिर आप सीएम हरीश रावत की बात सुनेंगे तो आपको ये महसूस होगा कि कैसे हर राजनीतिक दल के लिए चुनाव एक खेल जैसा है.हर पांच साल बाद ये आएगा और इसे राजनीतिक दल खेंलेंगे .इसमें कोई एक जीतेगा और कोई हारेगा. बहरहाल जनता के मुद्दे जस के तस ही रहेंगे. खैर आम तौर पर नैतिकता के बड़े बड़े दांवे करने वाली राजनीतिक पार्टियां, जब टिकट देने की बारी आती है तो न उनका ध्यान दागी पर होता है न बागी पर होता है..जिताउ कैंडिडेट के नाम पर पार्टिय़ां आपराधिक छवि वाले नेता से लेकर करोड़पति उम्मीदवारों को भी टिकट देने से नहीं चुकती है..जिस राज्य में अभी ठीक से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं है वहां आज  करोड़पति नेताओं की लंबी लाइन लग चुकी है...उत्तराखंड साल 2017 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर दागियों का बोलबाला देखने को मिल रहा है.। साल  2012 के चुनाव की अपेक्षा इस बार दोगुने आपराधिक मामलों में लिप्त नेता विधानसभा जाने की उम्मीद लिए चुनावी मैदान में उतरे हुए है .
कितने दागी है नेता जी ?

उत्तराखंड चुनाव में कुल 70 सीटों पर 637 प्रत्याशी है.
70 सीटों पर 637 प्रत्याशी में से  91  उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।जबकि 54  उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। 5 उम्मीदवारों के ऊपर हत्या , दूसरे 5 उम्मीदवारों के उपर हत्या की कोशिश का आरोप है. वहीं अन्य 5 उम्मीदवारों के ऊपर महिलाओं से अत्याचार के भी आरोप है.

किस पार्टी के पास कितने दागी ?

अगर दागी उम्मीदवारों को पार्टी के हिसाब से देखा जाए तो बीजेपी के 70  उम्मीदवारों में से 19 उम्मीदवार दागी है. वही  कांग्रेस के 70 उम्मीदवारों में से 17 उम्मीदवार दागी है. बीएसपी के 69 में से 7 उम्मीदवार दागी है.यूकेडी के 55 में से 4 उम्मीदवार दागी है सपा के 20 में से 2 उम्मीदवार दागी है. जबकि 261 निर्दलीयों में से 32 उम्मीदवारों के दामन पर दाग है.

किस पार्टी से कितने गंभीर आपराधिक मामलों वाले प्रत्याशी

वहीं गंभीर आरोपों की बात करें तो बीजेपी के 70 उम्मीदवारों में से 10 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं वहीं कांग्रेस के 70 उम्मीदवारों में से 12 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. बीएसपी के  69 उम्मीदवारों में से 06 ,यूकेडी के 55 उम्मीदवारों में से 3 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं तो वही एसपी के 20 उम्मीदवारों में से 2 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं और 261 निर्दलीय उम्मीदवारों में से 14 उम्मीदवारों पर संगीन धाराओं में मामला दर्ज है.आपको बता दें कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 में 10 निर्वाचन क्षेत्र ऐसे हैं जहां राजनीतिक दलों के तरफ से हर सीट पर कम से कम 3 उम्मीदवार आपराधिक छवि वाले उतारे गए है.
कितने अमीर है नेता जी ?
उत्तराखंड में इस बार 637 उम्मीदवारों में  से दो सौ से ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार हैं,  जबकि 78 उम्मीदवारों ने अपने आय का ब्यौरा नहीं दिया है. कांग्रेस के 70 उम्मीदवारों में 52 उम्मीदवार करोड़पति हैं। बीजेपी के 48 उम्मीदवार करोड़पति हैं। बीएसपी के 69 उम्मीदवारों में से 19 उम्मीदवारों की सम्पत्ति एक करोड़ से ज्यादा की है। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में प्रत्येक उम्मीदवार की औसत सम्पत्ति 1.57 करोड़ के आस-पास है। जबकि महिला उम्मीदवार चुनाव में पिछली बार 60 थी। इस बार कुल 28 महिलाएं ही चुनाव ऐ जंग में मोर्चा संभालने आयी हैं। 

इस लेख  को आप सहेज कर रख लीजिए औऱ जिन दिन कोई नेता उत्तराखंड में नौतिकता की बड़ी बड़ी बातें करें तो  उसे आप ये पढ़ कर सुना दिजिएगा...
मन भारी है इसलिए ज्य़ादा कुछ लिख नहीं पा रहा हूं लेकिन उत्तराखंड ंमें कोई भी जीते हारना जनता को ही है .उत्तराखंड की जनता चाहे जिसे वोट दे लेकिन दिल किसी को न दें...क्योंकि दिल तो बना ही है टूटने के लिए...नेता आपसे कुछ भी कहे लेकिन याद रखना ना ही आपके डॉक्टरों के आभाव से जुझने वाले सामुदायिक अस्पतालों के हालात बदलेंगे, न जोशीमठ में सड़कों की हालात दुरुस्त होगी.. और न ही वो  टिहरी की डोबरा चांटी पुल का अधुरा काम पूरा होगा.....

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