Skip to main content

Posts

Showing posts from November, 2016

तो जनता नहीं नोटबंदी दिलाएगी दोबारा सत्ता ?

सरकार की खींची लकीर जब छोटी पड़ जाएं तो क्या हो..जब 1000 का नोट अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन खड़ा हो जाए तो क्या हो ? 1000  के नोट के कमर को तोड़ने के लिए पॉलिसी भी बने तो 2000 के नोट से. फिलहाल तो अर्थव्यव्स्था वाले पंडित कुछ कहने से कतरा रहे है कि देश की व्यवस्था पर 2000 का गुलाबी नोट कौन सा रंग चढ़ाने जा रहा है...ये रंग बलखाती गुलाबी हो गई या झंझुलाहट वाली सुर्ख लाल ये सब महज कयास है लेकिन सच तो कुछ और ही बयां कर रहा है.जब संसद सड़क के सामने छोटी लगने लगे तो फिर नेताओं का रास्ता जाता किधर है। सड़क के हालात बताते हैं कि 2014 के लोकसभा चुनाव में देश के करीब 55 करोड़ लोगों ने वोट डाले लेकिन आज की तारीख में शहर दर शहर गांव दर गांव 55 करोड़ से ज्यादा लोग सड़क पर उस नोट को पाने के लिये जद्दोजहद कर रहे हैं जिसका मूल्य ना तो अनाज से ज्यादा है और ना ही दुनिया के बाजार में डॉलर या पौंड के सामने कहीं टिकता है। फिर भी पहले वोट और अब नोट के लिये अगर सड़क पर ही जनता को जद्दोजहद करनी है तो क्या वोट की तर्ज पर नोट की कीमत भी अब प्रोडक्ट नहीं सरकार तय करेगी। क्योंकि मोदी सरकार को 31 फिसदी वोट मिले। …