Skip to main content

Posts

Showing posts from September, 2015

लालू का बिहार और बिहार का लालू

लालू का बिहार और बिहार का लालू हो जाना
 जी, बिहार विधानसभा में हर पार्टी का मुख्यमुद्दा यही है कि बिहार में सत्ता में कौन आएगा और कैसे आएगा  ? इसके लिए हर पार्टी अपने तौर-तरीके से चुनावी क्षेत्र में उतरने जा रही है । लेकिन मेरे नज़र में बिहार में सारी राजनीति लालू का बिहार और बिहार का लालू हो जाना है । शुरुआत लालू के उस दौर से करते है जब लालू सत्ता में काबिज हुए थे और 15 साल सत्ता में रहे । लालू पर जंगलराज और बिहार को गर्त में ढकेल देने का आरोप लगा । जब लालू सत्ता में  तो उस वक़्त   बिहार में स्वर्णो का जबरदस्त तरीके से हुकुमत चलता था । दलितों को समाज में वो अधिकार नहीं था जो स्वर्णो को था । दलितों का शोषण होना  और उनसे जबरदस्ती बन्धुआ मजदूरी करवाना आम बात थी । लालू जब सत्ता में आये तो समाजिक तौर पर दलितों के अंदर भरोसा पैदा करने का काम किया । समाज में जो दलितों को बोलने और स्वर्णो के समान बैठने का अधिकार नहीं था उसके खात्मे का काम किया । आप आज के दौर का बिहार देख लीजिए ज्यादातर जगह में आज दलितों को दबाया नहीं जा सकता है और सच्चाई ये भी है कि समाज से बुराई पूरी तरह नहीं ख़त्म हो सकता…